गैस सिलेंडर से होने वाली दुर्घटना पर पीड़ित को मिलता है 50 लाख रुपए का बीमा

अगर आप एलपीजी गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं तो आपको इस पर मिलने वाले इंश्योरेंस के बारे में पता होना चाहिए। गैस कंपनियों की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह इन्श्योरेंस कवर सिलेंडर के चलते होने वाली किसी भी प्रकार की दुर्घटना में जान-माल की हानि होने पर 50 लाख रुपए तक का बीमा मिलता है। सिलेंडर पर मिलने वाला इंश्योरेंस का पूरा खर्च संबंधित ऑयल कंपनियां उठाती हैं।


इस इंश्योरेंस से जुड़ी खास बातें...




  1. मौत पर 50 लाख तो घायल होने पर मिलते हैं 40 लाख


     


    हादसा होने पर 40 लाख का बीमा करवर होता है, जबकि 50 लाख रुपए सिलेंडर फटने पर मौत होने की सूरत में क्‍लेम किए जा सकते हैं। दुर्घटना में पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 10 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दी जा सकती है।


     




  2. कैसे होता है बीमा?


     


    दरअसल पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम तथा भारत पेट्रोलियम के वितरकों को यह बीमा कराना पड़ता है। इन लोगों को ग्राहकों और अन्‍य प्रॉपर्टीज के लिए थर्ड पार्टी बीमा कवर सहित दुर्घटनाओं के लिए बीमा पॉलिसी लेना होता है।


     




  3. इस तरह कर सकते हैं क्लेम


     


    अगर कोई हादसा होता है तो ग्राहक को इसकी सूचना 30 दिन के अंदर पुलिस स्टेशन और एलपीजी वितरक को देनी होती है। बीमा रकम का दावा करने के लिए एफआईआर की कॉपी, घायलों के इलाज के खर्च का बिल और किसी की मृत्यु होने पर उसकी रिपोर्ट संभालकर रखनी चाहिए। सूचना दिए जाने के बाद संबधित अधिकारी हादसे के कारणों की जांच करता है और अगर दुर्घटना एलपीजी की वजह से हुई हो तो वितरक गैस कंपनी को इसकी जानकारी देता है।


     




  4. कौन देता है इंश्योरेंस क्लेम?


     


    जब आप अपने एलपीजी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) को हादसे के संबंध में जानकारी देते हैं तो वो संबंधित ऑयल कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करता है। डिस्ट्रीब्यूटर ही कस्टमर को क्लेम के लिए जरूरी फॉर्मेलिटीज पूरी करवाने में मदद करता है। डिस्ट्रीब्यूटर्स और कस्टमर सर्विस सेल के पास सभी डिटेल्स होती हैं।


     




  5. इंश्योरेंस के लिए सिलेंडर की एक्सपायरी डेट चेक करना जरूरी 


     


    सिलेंडर खरीदते वक्त ही उसका इन्श्योरेंस हो जाता है जो सिलेंडर की एक्सपायरी से जुड़ा होता है। अक्सर लोग सिलेंडर की एक्सपायरी डेट चेक किए बिना ही इसे खरीद लेते हैं। ऐसी स्थिती में आप इंश्योरेंस के लिए क्लकम करने के हकदार नहीं रह जाते हैं।


     




  6. गैस सिलेंडर की एक्‍सपायरी डेट कैसे करें चेक


     


    हर गैस सिलेंडर पर जहां रेग्‍युलेटर लगाया जाता है, वहां पर D-20 या ऐसा ही कुछ लिखा होता है। यह गैस सिलिंडर की एक्‍सपायरी डेट होती है। यहां पर D-20 मतलब है कि गैस सिलेंडर की एक्सपायर डेट दिसंबर 2020 है। इसके बाद गैस सिलेंडर का उपयोग करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे सिलिंडर में गैस लीकेज और अन्‍य तरह की दिक्‍कतें हो सकती हैं। गैस सिलिंडर  के सबसे ऊपर रेगुलेटर के पास जो तीन पट्टी होती है, उन में से किसी एक पर A, B, C, D लिखा होता है। गैस कंपनी हर एक लेटर को 3 महीनों में बांट देती है। यहां पर A का मतलब जनवरी से मार्च और B का मतलब अप्रैल से जून तक होता है। इसी तरह से C का मतलब जुलाई से लेकर सितंबर और D का मतलब अक्टूबर से दिसंबर तक का होता है।